Friday, August 9, 2024

बुरे और अच्छे Nudge के अनेकों उदाहरण

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नज अत्यंत महत्वपूर्ण कांसेप्ट है। आपलोग  इसे कई बार सुने, शेयर करें, गूगल से लेख खोज कर पढ़ें। खासकर dark nudges के बारे में तो जरूर ही जानें। जिस चीज के खिलाफ आप लड़ाई लड़ रहे हैं, उन सभी मे यह छुपे रुप में मिलेगा। हमारे पुरोहितों, किसी भी क्षेत्र में नेताओं, समाजसुधारकों, समाजिक कार्यकर्त्ताओं, किसी भी क्षेत्र में प्रोफेशनल्स आदि को नज को कला के रूप में विकसित करना चाहिए

1. जहाँ जरूरत पड़े, कृपया वीडियो रोककर पढ़िए। Nudge को समझना हरेक व्यक्ति की जरूरत है और बुद्धिजीवियों की जिम्मेदारी है कि इस कांसेप्ट को ज्यादा से ज्यादा आम जनमानस में ले जायें

2. हमलोग अपनी जिंदगी में बहुत सारी चीजों का जाने अनजाने अनुभव करते हैं, जिनको किसी कांसेप्ट का रूप दिया जा सकता है। उनको नाम देना या उनको सिद्धान्त के रूप में प्रतिपादित करना हममें उसके प्रति सजगता लाता है और फिर सभी चीजों में हम इस नवचेतन को ढूँढने का प्रयास करते हैं या यूँ कहें कि चीजों को देखने का हमारा नजरिया बदल जाता है। ऐसा ही एक कांसेप्ट है - Nudge/नज

3. Nudge - नज - व्यक्तिगत या सामाजिक तौर पर किसी के आचरण में खास बदलाव, खास भावना उकेरने, खास सोच पैदा करने, खास तरीके अपनाने के लिए उसको/उनको बिना किसी जबरदस्ती के या बिना परोक्ष रूप से कुछ किये या कहे (क्योंकि यह विपरीत प्रतिक्रिया पैदा कर सकता है) केवल सुझावों या संकेतो से या अवसर के अनुरूप स्थायी या अस्थायी रूप से संसाधन उपलब्ध कराकर प्रोत्साहित करना नज है

4. Nudge के कुछ प्रकार-

1. Anchoring and Adjustment 2. Availability 3. Representativeness 4. Optimism/over-confidence 5. Loss aversion 6. Status quo bias and inertia 7. Framing 8. Temptation 9. Mindlessness 10. Self-control strategies 11. Conforming 12. Spotlight effect 13. Priming 14. Language and signage design 15. Feedback 16. Positioning 17. Limiting 18. Sympathy 19. Accessibility 20. Likeability 21. Relevance 22. Mood-changers 23. Fear 24. Facilitation 25. Sensory

5. Priming - ब्राम्हणवाद से संबंधित चर्चाओं में लोगों को पुरोहित प्रशिक्षण एवं शोध मिशन की जानकारी दे सकते हैं। यह एक नज है

6. Availability, Accessibility, Conforming, Facilitation, Framing - इंदिरा गाँधी के समय जनसंख्या नियंत्रण के लिए हम दो हमारे दो का कैंपेन एक नज था

7. Anchoring, Conforming, Representativeness, Feedback - अँग्रेजों के जमाने से सरकारी फॉर्म में धर्म का कॉलम और अब कुछ लोगों द्वारा इसको आपके किसी एक धर्म के होने के सबूत के रूप में पेश करना नज है

8. नज आपके आसपास रोज इस्तेमाल किया जाता है। आप भी करते हैं। पर, इसके बारे में सचेत होकर इसका सही  इस्तेमाल करना या गलत नज को पहचानना दूसरी बात है। गलत नज को पहचानना इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि ज्यादातर समय(90%) सरकारों, नीति निर्धारकों, न्यायपालिका, कंपनियों, धार्मिक आध्यात्मिक संस्थाओं, खास उद्देश्य वाले समूहों जैसे आरएसएस, विवेकानंद फाउंडेशन, गीता प्रेस, कुछ जाति समूहों के आईटी सेल, इतिहासकारों, साहित्यकारों, हर तरह के मीडिया समूहों आदि द्वारा आपको खास प्रकार से अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए उत्प्रेरित किया जाता है, जो अंततोगत्वा आपके अहित में होता है।

जब हम इसके प्रति सचेत हो जाते है और कोई छुपे हुए तरीके से हमारा अहित करना चाहता है तो हमारे द्वारा उसकी चालाकी पकड़े जाने और प्रतिकार करने की संभावना ज्यादा रहती है। हालाँकि ऐसा सभी कॉन्सेप्ट्स के बारे में है

9. पूरी प्रचार इंडस्ट्री नज करने में लगी हुई है। हरेक प्रकार का प्रोपेगंडा नज है। आपका टीवी देखना नज करने वालों के हित मे है। आपको लगता होगा कि आप न्यूज़ देख रहे हैं, गाने सुन रहे हैं, फ़िल्म देख रहे हैं, माताजी कोई सीरियल देखकर टाइम पास कर रही हैं और वैसे तो आप नही जानते कि आप नज किये जा रहे हैं, पर जब इसके बारे में आप सचेत हो जायेंगे तो आपको इन चीजों में सड़न दिखाई देने लगेगा। आप देखेंगे कि कैसे language and signage design, availability आदि का इस्तेमाल करके प्रोपेगंडा चलाया जा रहा है। और आप टीवी देखना छोड़ने का विचार करने लगेंगे। आप सोचिए जरा कि आपको हर तरह के न्यूज़ जानने की क्या जरूरत है? वैसे भी किसी चीज के घटित होने के बाद ही आपको न्यूज़ मिलता है। तो किसी खास क्षेत्र में काम कर रहे एक्टिविस्ट द्वारा कोई न्यूज़ इकट्ठा किया जाए और उसके द्वारा आपको और अनेकों अन्य लोगों को sensitize किया जाए तो आपके ऊपर से कितना बड़ा बोझ समाप्त हो जाये। पर, आपको किसी न्यूज़ के छूट जाने का डर (Fear) है। ऐसा नही है कि उन सारे न्यूज़ को जानकर आप बतकही के अलावा कुछ कर सकते है और वो भी उनके नजरिये वाला बतकही। आपका अपना विश्लेषण सतही या नगण्य ही रहेगा। तो, अब आप ही बताईये कि आप टीवी देखने के फेरे में पड़े ही कैसे? आपको इसके लिए भी नज किया जाता है

10. जब आप कोई बात छेड़ते हैं तो अधिकांशतः लोग प्रतिक्रिया स्वरूप जरूर अपनी बात रखते हैं। भाषा की खूबी यह है कि इसका इस्तेमाल आप किसी चीज को जनमानस में ले आने या जनमानस से गायब करने में या अन्य किसी भी स्वार्थसिद्धि के लिए अपने अनुसार कर सकते हैं। यह मनोविज्ञान की बात बदलावकर्त्ता के लिए समझना जितना महत्त्वपूर्ण है, उतना ही बाकियों के लिए भी। क्योंकि अधिकांशतः इसका उपयोग आपको गलत दिशा में ले जाने के लिए होता है। पर, इसका उपयोग सही दिशा में अपने लोगों को ले जाने के लिए भी किया जा सकता है। यह भी नज का ही एक रूप है

11. Availability - स्मृति चिन्ह, कैलेंडर नज के ही प्रयास हैं

12. पुष्पा मूवी के डायलॉग्स आम जनमानस में पहुँचना मीडिया के reach/avaiability और लोगों के conforming behaviour को दर्शाता है

13. नज के साथ साथ लक्षित संसाधनों को उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसके अभाव में नज प्रभावहीन हो जाएगा या जगहँसाई/निराशा का कारण भी बन सकता है।

14. किसी दूसरों की संस्कृति को अपना समझना नज का ही परिणाम है।  वास्तव में आज हमलोग सांस्कृतिक उपनिवेशवाद में जी रहे हैं और ऐसा लिखित किताबों के माध्यम से हुआ। यदि उनमे वर्णित शब्दों के उत्पत्ति और इतिहास को खंगाला जाए तो आप उनमे निहित गलत नज/dark nudges को पकड़ सकते हैं


*देखिए*  https://youtu.be/rmYf5itnRUw?si=8K7Ebfg5kSsvZYvc



*यूट्यूब पर पिछले बैठकों में विचारकों, समाजसुधारकों और संस्कारकों के उद्बोधन सुनने के लिए क्लिक करें* https://youtube.com/@ppsmission?si=U302DJ0rZ5zotmNZ