Sunday, February 11, 2024

न ब्राम्हण से न ब्राम्हणवाद से छुटकारा, ई0 राहुल पटेल, IITR,

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न ब्राम्हण से न ब्राम्हणवाद से छुटकारा, ई0 राहुल पटेल, IITR, 65वीं #PPSM बैठक P2
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1. Thinking fast, Thinking slow
2. फौरी तौर पर किसी बात को स्वीकार कर लेना या अस्वीकार कर देना एक आम समस्या है
3. लोगों का पूर्वाग्रह चीजों को नए सिरे से समझने में आड़े आता है
4. जानिए किसी मुहिम/मिशन/विचारधारा का gestation period क्या होता है?
5. लोगों को समाधान, एक वैकल्पिक रेडीमेड प्रोडक्ट के रूप में, उपलब्ध कराने पर ही आपके विचारधारा/मुहिम/समाधान की स्वीकार्यता बढ़ेगी
6. यह मिशन संस्कारकों, समाजसुधारकों और विचारकों को एक प्लेटफार्म पर लाकर सांस्कृतिक बदलाव लाना चाहता है
7. दोष देना समाधान नही है। समाधान/विकल्प बताये। उसकी उपयुक्तता, लंबी अवधि के संभावित परिणामों/प्रभावों पर बात करें
8. क्या लोगों को जागरूक किया जा सकता है?
9. आपकी पुरानी संस्कृति कितनी पुरानी? आपका पुराना, कितना पुराना?
10. यह मिशन पुरोहित उपलब्ध कराने के अलावा आपको समाज, संस्कृति, इतिहास पर विभिन्न दृष्टिकोण देता है
11. ब्राम्हणवादी व्यवस्था को स्थापित करने के मैकेनिज्म पर आम चर्चा हो
12. जिस तरह से बिना मछली से छुटकारा पाए मछली के गंध से छुटकारा पाने की बात करना हास्यास्पद है, उसीतरह से ब्राम्हण नही ब्राम्हणवाद की बात करने वाले भी अभी अँधेरे में हैं
13. ग्लास सीलिंग को समझिए
14. किसी मिशन, आंदोलन, संगठन की दिशा उसके कोर कमिटी में शामिल लोगों के बौद्धिक झुकाव, दृष्टिकोण से तय होती है

~ई0 राहुल पटेल, IITR


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